ग्रेटर नोएडा की महागुन मायवुड्स सोसाइटी में पानी संकट पर फूटा गुस्सा, सड़क पर उतरे निवासी; किया रोड जाम
- sakshi choudhary
- 11 Aug, 2026
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की महागुन मायवुड्स सोसाइटी में पानी की समस्या को लेकर मंगलवार को निवासियों का गुस्सा सड़क पर उतर आया। सोसाइटी में लंबे समय से पानी का प्रेशर बेहद कम होने से परेशान बड़ी संख्या में निवासी मुख्य सड़क पर बैठ गए और विरोध प्रदर्शन करते हुए रास्ता जाम कर दिया। प्रदर्शन के कारण इलाके में यातायात प्रभावित हुआ। निवासियों का आरोप है कि पानी जैसी बुनियादी सुविधा के लिए उन्हें लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद पानी के कम प्रेशर की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया है। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि घरों तक पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पहुंचने के कारण रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं।
रोड जाम और प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे निवासियों से सड़क से हटने और यातायात व्यवस्था सामान्य करने की अपील की। हालांकि, निवासी अपनी मांग पर अड़े रहे और समस्या के स्थायी समाधान की मांग करते रहे। प्रदर्शनकारी निवासी सौरव के मुताबिक, सोसाइटी में पानी का प्रेशर कम रहने की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। कई बार शिकायत करने और संबंधित अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाने के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। पुलिस की ओर से बिल्डर को मौके पर बुलाने की प्रक्रिया शुरू की गई, ताकि निवासियों और बिल्डर के बीच बातचीत के जरिए समस्या का समाधान निकाला जा सके।
निवासियों का कहना है कि पानी की समस्या को लेकर उन्हें बार-बार सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करना पड़ रहा है, जो बेहद चिंताजनक स्थिति है। उनका कहना है कि सोसाइटी में रहने वाले लोगों को नियमित और पर्याप्त जलापूर्ति मिलना जरूरी है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पानी के कम प्रेशर की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। फिलहाल पुलिस मौके पर मौजूद है और यातायात सुचारु कराने के साथ-साथ निवासियों की समस्या का समाधान कराने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की हाईराइज सोसाइटियों में पानी, मेंटेनेंस और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। ऐसे में महागुन मायवुड्स के निवासियों की मांग अब बिल्डर और संबंधित प्रशासन के लिए भी एक अहम मुद्दा बन गई है।