पर्थला चौक पर 80 करोड़ से बनेगा 6-लेन अंडरपास, नोएडा वेस्ट के लाखों लोगों को मिलेगी जाम से राहत
- sakshi choudhary
- 25 Aug, 2026
नोएडा के सबसे व्यस्त ट्रैफिक जंक्शनों में शामिल पर्थला चौक पर जाम की समस्या से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। नोएडा प्राधिकरण ने यहां करीब 80 करोड़ रुपये की लागत से 6-लेन अंडरपास बनाने की योजना तैयार की है। लगभग 710 मीटर लंबे इस अंडरपास का निर्माण 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अंडरपास बनने के बाद FNG कॉरिडोर और नोएडा वेस्ट के बीच यातायात को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। पर्थला चौक पर सुबह और शाम पीक आवर्स में लगने वाले लंबे जाम से रोजाना गुजरने वाले हजारों वाहन चालकों को बड़ी राहत मिल सकती है।
प्रस्तावित अंडरपास में दोनों दिशाओं में तीन-तीन लेन, यानी कुल छह लेन होंगी। परियोजना में करीब 10-10 मीटर के आरसीसी बॉक्स, लगभग 20 मीटर का ओपन-टू-स्काई हिस्सा और दोनों तरफ करीब 280-280 मीटर लंबे एप्रोच रोड शामिल होंगे। निर्माण में डायफ्राम वॉल तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि आसपास की जमीन और मौजूदा ढांचों पर असर कम हो। खास बात यह है कि बारिश के दौरान जलभराव की समस्या से निपटने के लिए अंडरपास में दो विशेष सम्प और हाई-कैपेसिटी पंपिंग सिस्टम लगाए जाएंगे। इससे बारिश के पानी की तेजी से निकासी करने और अंडरपास को जलभराव से बचाने में मदद मिलेगी।
इस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा नोएडा वेस्ट, सेक्टर-66, सेक्टर-71, सेक्टर-121, सेक्टर-122, किसान चौक और छिजारसी सहित आसपास के इलाकों को मिलने की उम्मीद है। FNG कॉरिडोर नोएडा को गाजियाबाद, NH-9 और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे जैसे प्रमुख मार्गों से जोड़ता है। भविष्य में फरीदाबाद की दिशा में कनेक्टिविटी बढ़ने के साथ इस कॉरिडोर पर ट्रैफिक और बढ़ सकता है। ऐसे में पर्थला चौक का यह अंडरपास भविष्य की यातायात जरूरतों के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। अंडरपास शुरू होने के बाद सिग्नल पर रुकने का समय कम होने से यात्रा समय, ईंधन की खपत और वाहनों से होने वाले प्रदूषण में कमी आने की उम्मीद है। 18 महीने में परियोजना पूरी होने के बाद पर्थला चौक की ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।