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ग्रेटर नोएडा में सेफ सिटी परियोजना में देरी, 2700 कैमरे लगाने का इंतजार बढ़ा
ग्रेटर नोएडा में शहर की सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को हाईटेक बनाने वाली Safe City Project पांच साल बाद भी धरातल पर नहीं उतर पाई है।
- sakshi choudhary
- 11 Oct, 2026
ग्रेटर नोएडा में शहर की सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को हाईटेक बनाने वाली Safe City Project पांच साल बाद भी धरातल पर नहीं उतर पाई है। परियोजना के तहत शहर के प्रमुख चौराहों, बाजारों, सेक्टरों और सार्वजनिक स्थानों पर 2700 से अधिक अत्याधुनिक CCTV कैमरे लगाए जाने हैं। हालांकि, सलाहकार एजेंसी आईआईटी रुड़की के काम करने से इनकार करने के बाद परियोजना में एक बार फिर देरी हो गई है। अब ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण नए सिरे से सलाहकार नियुक्त करेगा, जिसके लिए आवेदन की अंतिम तारीख 14 अक्टूबर तय की गई है।
इस परियोजना पर पहले 227.60 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान था, जिसे बढ़ाकर अब 257.71 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इससे पहले एलएंडटी टेक्नोलॉजी सर्विसेज, एनईसी और रेलटेक जैसी कंपनियों ने अपनी तकनीक का प्रदर्शन किया था, लेकिन निविदा राशि को लेकर सहमति नहीं बन सकी। अब नए सलाहकार को कार्य आदेश मिलने के पांच दिन के भीतर Request for Proposal (RFP) तैयार करनी होगी। इसके बाद मास्टर सिस्टम इंटीग्रेटर (MSI) के चयन, तकनीकी मूल्यांकन और सफल बोलीदाता के चयन की प्रक्रिया में सहयोग करना होगा।
सेफ सिटी परियोजना के तहत ग्रेटर नोएडा ईस्ट और वेस्ट में करीब 350 स्थानों पर कैमरे लगाए जाने हैं। इनमें परी चौक, एलजी चौक, अमृतपुरम, जगत फार्म और चार मूर्ति/गौड़ चौक समेत प्रमुख गोलचक्कर, बाजार, एक्सप्रेसवे और शहर के प्रवेश द्वार शामिल हैं। परियोजना में E-Challan System, Emergency Call Box और Integrated Command and Control Centre भी विकसित किए जाने हैं। प्राधिकरण कार्यालय में बनने वाले कंट्रोल रूम से नए कैमरों के साथ शहर के सेक्टरों में पहले से लगे कैमरों को भी जोड़ा जाएगा। चयनित कंपनी को 15 महीने में काम पूरा करना होगा और अगले पांच साल तक संचालन एवं रखरखाव की जिम्मेदारी संभालनी होगी। फिलहाल सलाहकार के चयन की प्रक्रिया के कारण शहरवासियों को इस आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था के लिए और इंतजार करना पड़ सकता है।