गौतमबुद्धनगर में आजाद समाज पार्टी को नई मजबूती, पूर्व बार अध्यक्ष उमेश भाटी ने चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में थामा दामन
- sakshi choudhary
- 21 Oct, 2026
जिले की राजनीति में एक नए घटनाक्रम ने चर्चा तेज कर दी है। गौतमबुद्धनगर दीवानी व फौजदारी बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता उमेश भाटी (देवटा) ने अपने साथियों के साथ आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की सदस्यता ग्रहण कर ली है। भीम आर्मी प्रमुख एवं नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में पार्टी से जुड़ने के इस कदम को क्षेत्र में संगठनात्मक विस्तार की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दिल्ली में हुआ सदस्यता ग्रहण समारोह
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम दिल्ली स्थित नॉर्थ एवेन्यू के सरकारी आवास पर आयोजित किया गया। इस दौरान आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद और पार्टी की राष्ट्रीय कोर कमेटी के सदस्य अमित कसाना की मौजूदगी में एडवोकेट उमेश भाटी तथा उनके साथियों का पार्टी में स्वागत किया गया।
पार्टी से जुड़ने के बाद उमेश भाटी और उनके समर्थकों में उत्साह देखने को मिला। उनके इस फैसले को सामाजिक न्याय, समानता और संवैधानिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को राजनीतिक मंच देने के कदम के रूप में देखा जा रहा है।
सामाजिक न्याय और संविधान की विचारधारा से जुड़ाव
सदस्यता ग्रहण के पीछे चंद्रशेखर आजाद के विचारों और सामाजिक न्याय के मिशन से प्रेरित होने की बात सामने आई है। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) समानता, सामाजिक सम्मान और संविधान की रक्षा जैसे मुद्दों को अपनी राजनीतिक विचारधारा के प्रमुख आधार के रूप में प्रस्तुत करती रही है।
इस अवसर पर पार्टी की ओर से नए सदस्यों का स्वागत करते हुए सामाजिक परिवर्तन की मुहिम में उनकी भागीदारी का अभिनंदन किया गया। संगठन का लक्ष्य ऐसे समाज की स्थापना करना बताया गया, जहां प्रत्येक व्यक्ति को बिना किसी भेदभाव के समान अवसर, सम्मान और न्याय मिल सके।
गौतमबुद्धनगर में संगठन को मिल सकती है नई धार
उमेश भाटी का कानूनी क्षेत्र में अनुभव और बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष के रूप में उनका जुड़ाव इस घटनाक्रम को खास बनाता है। स्थानीय राजनीतिक समीकरणों पर नजर रखने वाले जानकारों का मानना है कि उनके पार्टी में शामिल होने से गौतमबुद्धनगर में संगठन को जमीनी स्तर पर विस्तार देने का अवसर मिल सकता है।
हालांकि, इस राजनीतिक जुड़ाव का क्षेत्रीय राजनीति पर वास्तविक प्रभाव आगामी गतिविधियों और संगठन की कार्यशैली से स्पष्ट होगा। फिलहाल, उमेश भाटी के इस फैसले ने जिले में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की गतिविधियों को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि उमेश भाटी और उनके साथी पार्टी के सामाजिक एवं राजनीतिक एजेंडे को गौतमबुद्धनगर में किस तरह आगे बढ़ाते हैं।