Greater Noida News: PNB की ऐच्छर शाखा में 35 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी, मैनेजर समेत 5 कर्मचारी निलंबित
- sakshi choudhary
- 28 Oct, 2026
ग्रेटर नोएडा के ऐच्छर गांव स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की शाखा में खाताधारकों की करीब 35 करोड़ रुपये की FD और जमा राशि में कथित हेराफेरी का मामला सामने आया है। आरोप है कि कई ग्राहकों की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) समय से पहले तोड़कर रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए बैंक मैनेजर समेत पांच कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, पुलिस और एंटी करप्शन टीम मामले की जांच में जुटी हैं।
FD तोड़कर दूसरे खातों में ट्रांसफर करने का आरोप
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, ऐच्छर स्थित PNB शाखा में कई खाताधारकों की जमा रकम में गड़बड़ी की शिकायतें सामने आई हैं। आरोप है कि बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से ग्राहकों की FD तोड़ी गई और रकम कथित तौर पर दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दी गई।
मामले में अब तक 16 से अधिक खाताधारकों की ओर से पुलिस को लिखित शिकायत दिए जाने की जानकारी सामने आई है। शिकायतों के आधार पर बीटा-2 कोतवाली पुलिस और एंटी करप्शन टीम जांच कर रही हैं। बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय ने शाखा प्रबंधक समेत पांच कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। शाखा में नए कर्मचारियों की तैनाती भी की गई है।
किसी के 25 लाख तो किसी के खाते से 1.29 करोड़ रुपये गायब होने का दावा
इस मामले में कुछ खाताधारकों ने अपनी जमा पूंजी गायब होने की शिकायत की है। रिपोर्ट के मुताबिक, ऐच्छर गांव निवासी ट्रांसपोर्टर विनीत भाटी ने आरोप लगाया कि उनके करीब 25 लाख रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दिए गए। उनका कहना है कि उन्होंने म्यूचुअल फंड में निवेश के सिलसिले में बैंक कर्मचारियों से संपर्क किया था और शाखा प्रबंधक के कहने पर चेक पर हस्ताक्षर किए थे।
वहीं, एक अन्य खाताधारक ने दावा किया कि जेवर एयरपोर्ट के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजे के तौर पर उनकी मां के खाते में 1.29 करोड़ रुपये आए थे। उनके मुताबिक, उन्होंने इसमें से 15 लाख रुपये निकाले थे, लेकिन बाद में खाते में बची रकम दिखाई नहीं दी।
इन शिकायतों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि रकम किस तरह और किन खातों में ट्रांसफर की गई। फिलहाल, इन आरोपों को जांच के निष्कर्ष के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
बैंक ने दिया पैसे लौटाने का आश्वासन, जांच जारी
रिपोर्ट के अनुसार, मामला सामने आने के बाद बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रभावित ग्राहकों से मुलाकात की और उनकी शिकायतें सुनीं। बैंक की ओर से ग्राहकों की रकम वापस खातों में ट्रांसफर किए जाने का आश्वासन दिए जाने की बात भी कही गई है। हालांकि, रकम की वापसी और उसकी समयसीमा की स्वतंत्र पुष्टि अभी जरूरी है।
पुलिस निलंबित कर्मचारियों की भूमिका और खातों में हुए संदिग्ध लेनदेन की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले में जिम्मेदारी और कथित हेराफेरी की वास्तविक राशि स्पष्ट हो सकेगी।