Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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राम मंदिर दान पेटिका विवाद: दूसरी बार मंदिर पहुंची SIT, पुजारियों और ट्रस्ट पदाधिकारियों से होगी पूछताछ

अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की दान पेटिका से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच अब निर्णायक दौर में पहुंच गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) एक बार फिर राम मंदिर परिसर पहुंचा है।
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अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की दान पेटिका से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच अब निर्णायक दौर में पहुंच गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) एक बार फिर राम मंदिर परिसर पहुंचा है। जांच टीम मंदिर के पुजारियों, ट्रस्ट के पदाधिकारियों और इस मामले में पकड़े गए संदिग्धों से दोबारा पूछताछ करेगी। एसआईटी ने पहले चरण में मंदिर से जुड़े दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और अभिलेखों की जांच की थी। शासन की ओर से टीम को सात दिनों में प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिनों के भीतर अंतिम रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। अयोध्या में इस जांच को लेकर संत-महंतों, श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच लगातार चर्चा बनी हुई है।


राम मंदिर देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, इसलिए दान पेटिका से जुड़ी कथित अनियमितताओं की खबरों ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। हालांकि अधिकांश श्रद्धालुओं का मानना है कि यह मामला मंदिर की आस्था का नहीं बल्कि व्यवस्था की पारदर्शिता और जवाबदेही का है। लोगों को उम्मीद है कि एसआईटी की जांच से पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए व्यवस्थाएं और अधिक मजबूत बनाई जाएंगी। झांसी से आए श्रद्धालु गजेंद्र यादव ने कहा कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था से जुड़े इस मामले में निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है। वहीं फरीदाबाद की श्रद्धालु निकिता ने विश्वास जताया कि एसआईटी तथ्यों के आधार पर सच्चाई सामने लाएगी।


इस बीच धर्म सेना प्रमुख और पूर्व शिवसेना नेता संतोष दुबे ने थाना राम जन्मभूमि पहुंचकर पुलिस को तहरीर सौंपते हुए चार नामजद और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उनका आरोप है कि रामभक्तों के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं से श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं करती तो वे न्यायालय की शरण लेंगे। संतोष दुबे ने कहा कि रामभक्तों के दान से जुड़े मामलों में पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। फिलहाल अयोध्या में माहौल शांत है, लेकिन सभी की नजर एसआईटी की रिपोर्ट पर टिकी हुई है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित अनियमितताओं के पीछे कौन जिम्मेदार है और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी।