Noida International Airport: पश्चिमी यूपी की अर्थव्यवस्था को गति देने वाला नया आधार बना नोएडा एयरपोर्ट
- sakshi choudhary
- 10 Dec, 2025
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाली देश की प्रमुख ग्रीनफील्ड परियोजनाओं में से एक है। इस एयरपोर्ट का प्राथमिक लक्ष्य क्षेत्रीय विकास को तेज़ी देना और स्थानीय समुदाय विशेषकर भूमि देने वाले परिवारों के लिए दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित करना है। यह हवाई अड्डा दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को वैश्विक स्तर पर जोड़ने का एक मज़बूत माध्यम बनेगा। स्विस उत्कृष्टता और भारतीय आतिथ्य के मेल से तैयार हो रही यह सुविधा 1.2 करोड़ वार्षिक यात्रियों की क्षमता के साथ एक रनवे और टर्मिनल के साथ शुरू होगी तथा नेट-जीरो उत्सर्जन के लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में अग्रसर है।
परियोजना के विकास एवं संचालन में यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रा. लि. (YIAPL) मुख्य भूमिका निभा रही है, जबकि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लि. (NIAL) सरकार की ओर से परियोजना क्रियान्वयन एजेंसी है। टाटा प्रोजेक्ट्स, इंडियन ऑयल, एयर इंडिया SATS, बर्ड ग्रुप सहित 30 से अधिक कंपनियों के साथ साझेदारी के माध्यम से 5,000 से अधिक रोजगार अवसर सृजित होने की उम्मीद है। सभी नौकरियों में न्यूनतम वेतन, PF, ESI, बोनस व अन्य सुविधाएँ सुनिश्चित की गई हैं। परियोजना प्रभावित परिवारों (PAF) के लिए विशेष करियर पोर्टल शुरू किया गया है, जिस पर 180+ पंजीकरण हुए हैं और 300 से अधिक युवाओं की भर्ती शिविरों में भागीदारी के बाद अब तक 24 ऑफर लेटर जारी किए जा चुके हैं।
कौशल विकास इस परियोजना का एक मजबूत स्तंभ है। ITI जेवर में अत्याधुनिक प्रशिक्षण कक्षाओं का निर्माण तथा एविएशन क्षेत्र के लिए पैसेंजर हैंडलिंग व रैम्प ऑपरेशन जैसे कोर्स शुरू किए गए—जिनमें 28 छात्रों ने प्रशिक्षण पूरा किया और 24 को तुरंत रोजगार प्रस्ताव मिले। संचार व सॉफ्ट स्किल प्रशिक्षण के माध्यम से 100 PAF युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है, जिसे आगे नियमित कार्यक्रम के रूप में चलाया जाएगा। यह स्पष्ट है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट केवल एक हवाई अड्डा नहीं बल्कि पश्चिमी यूपी के आर्थिक भविष्य को मज़बूत बनाने वाला विकास इंजन बन रहा है।
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