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ग्रेटर नोएडा में दूषित पानी की शिकायतों पर प्राधिकरण अलर्ट, रैंडम वाटर टेस्टिंग अभियान शुरू
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने दूषित पानी की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एहतियातन रैंडम वाटर टेस्टिंग अभियान शुरू किया है।
- sakshi choudhary
- 10 Jan, 2026
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने दूषित पानी की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एहतियातन रैंडम वाटर टेस्टिंग अभियान शुरू किया है। प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर वर्क सर्किल वाइज कुल आठ टीमें गठित की गई हैं, जो चार दिनों तक अलग-अलग क्षेत्रों में पानी की गुणवत्ता की जांच करेंगी। इस अभियान में drinking water supply, sewer line और drain system की भी गहन जांच की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार के लीकेज या क्रॉस कनेक्शन की पहचान की जा सके।
पहले दिन ही टीमों ने 20 से अधिक स्थानों पर जांच की, जिसमें सेक्टर-1, सेक्टर-2, सेक्टर-4, सेक्टर-16, 16बी, नॉलेज पार्क-3, इरोज संपूर्णनम सोसाइटी, ऐस सिटी और पंचशील हाइनिश जैसे इलाके शामिल हैं। जांच के दौरान टीडीएस मीटर, पीएच और क्लोरीन किट जैसे उपकरणों का उपयोग किया गया, जिनमें सप्लाई का पानी निर्धारित मानकों के अनुरूप पाया गया। इसके साथ ही प्राधिकरण ने एक independent lab के रूप में शिराम इंस्टीट्यूट फॉर इंडस्ट्रियल रिसर्च की दो टीमों को भी तैनात किया है, जिन्होंने UGR, pumping station और अन्य बिंदुओं से सैंपल लिए हैं।
प्राधिकरण के अनुसार, लैब रिपोर्ट 10 से 12 दिनों में उपलब्ध होगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। एसीईओ सुनील कुमार सिंह ने कहा कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण clean water supply को लेकर पूरी तरह committed है। यदि किसी भी क्षेत्र में contaminated water की समस्या सामने आती है तो लोग तुरंत जल विभाग से संपर्क करें। इसके लिए वरिष्ठ प्रबंधक जल और प्रबंधक जल के मोबाइल नंबर जारी किए गए हैं। साथ ही निवासियों से अपील की गई है कि वे water motor का उपयोग केवल सप्लाई के समय ही करें, ताकि सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव न पड़े।