Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING NEWS
● पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट में CAM चार्ज विवाद: ओपन मीटिंग बनी टकराव का मैदान ● नोएडा सेक्टर-59 की स्पार्क मिंडा कंपनी में भीषण आग, अफरा-तफरी का माहौल ● Noida Airport: लखनऊ से नोएडा की पहली फ्लाइट हुई फुल, 15 जून को भरेगी ऐतिहासिक उड़ान ● नोएडा में CUET परीक्षा रद्द, घंटों इंतजार के बाद छात्रों का फूटा गुस्सा ● नोएडा एयरपोर्ट की पहली फ्लाइट फुल, 1 जुलाई से शुरू होंगी नियमित उड़ानें ● ग्रेटर नोएडा में कांग्रेस का भाजपा पर हमला, दीपक भाटी चोटीवाला ने मंत्रियों-विधायकों की संपत्ति जांच की उठाई मांग ● IPL 2026: ऋषभ पंत ने छोड़ी लखनऊ सुपर जाएंट्स की कप्तानी, टीम में बड़े बदलाव की शुरुआत ● नौतपा और हीटवेव का डबल अटैक! बढ़ती गर्मी और ह्यूमिडिटी से बिगड़ रही सेहत, डॉक्टरों ने दी चेतावनी ● दिल्ली समेत देश में बढ़ रहे AC ब्लास्ट: जानें वजहें और कैसे बचें इस ‘टाइम बम’ बनते एयर कंडीशनर से ● नोएडा की लोटस जिंग सोसाइटी में जल संकट गहराया: 3 दिन से एक बाल्टी पानी पर 1200 परिवार परेशान

पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट में CAM चार्ज विवाद: ओपन मीटिंग बनी टकराव का मैदान

ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित चर्चित आवासीय सोसाइटी पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट में CAM, सीवर और वाटर चार्ज में बढ़ोतरी को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। क्लब हाउस में आयोजित “ओपन मीटिंग” उस समय हंगामे में बदल गई जब बड़ी संख्या में निवासियों ने बिल्डर प्रबंधन पर पारदर्शिता की कमी और बिना परामर्श शुल्क बढ़ाने के आरोप लगाए। निवासियों का कहना है कि बैठक का उद्देश्य समस्याओं का समाधान नहीं बल्कि बढ़े हुए चार्ज को सही ठहराना था। बैठक में कई लोगों को सीमित बोलने का अवसर मिलने से भी असंतोष बढ़ गया और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
top-news

ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित चर्चित आवासीय सोसाइटी पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट में CAM, सीवर और वाटर चार्ज में बढ़ोतरी को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। क्लब हाउस में आयोजित “ओपन मीटिंग” उस समय हंगामे में बदल गई जब बड़ी संख्या में निवासियों ने बिल्डर प्रबंधन पर पारदर्शिता की कमी और बिना परामर्श शुल्क बढ़ाने के आरोप लगाए। निवासियों का कहना है कि बैठक का उद्देश्य समस्याओं का समाधान नहीं बल्कि बढ़े हुए चार्ज को सही ठहराना था। बैठक में कई लोगों को सीमित बोलने का अवसर मिलने से भी असंतोष बढ़ गया और माहौल तनावपूर्ण हो गया।


बैठक के दौरान निवासियों ने सोसाइटी के वित्तीय लेन-देन, रखरखाव खर्च और सेवा शुल्क का स्वतंत्र ऑडिट कराने की मांग की। उनका कहना है कि जब तक ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होती, तब तक बढ़े हुए CAM, सीवर और वाटर चार्ज को लागू नहीं किया जाना चाहिए। इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठे, क्योंकि हाल के दिनों में चोरी और अन्य घटनाओं को लेकर रेजिडेंट्स में चिंता बढ़ी है। कुछ निवासियों ने सुरक्षा एजेंसी में बदलाव की मांग भी रखी। साथ ही बिजली लोड बढ़ाने-घटाने के शुल्क को लेकर भी विवाद सामने आया, जिसे लेकर प्रशासनिक शिकायत की चेतावनी दी गई है।


सूत्रों के अनुसार, बिल्डर प्रबंधन ने ऑडिट रिपोर्ट आने तक शुल्क संशोधन पर विचार करने की बात कही है, लेकिन अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। इस पूरे घटनाक्रम ने सोसाइटी में बिल्डर और निवासियों के बीच बढ़ते टकराव को और उजागर कर दिया है। सोशल मीडिया ग्रुप्स में भी यह मुद्दा लगातार चर्चा में है। निवासियों का कहना है कि भविष्य में AOA/RWA गठन, वित्तीय पारदर्शिता और निर्णय प्रक्रिया में सभी की भागीदारी सुनिश्चित करना जरूरी है। आने वाले दिनों में ऑडिट रिपोर्ट और शुल्क निर्धारण पर होने वाले फैसले पर हजारों निवासियों की नजरें टिकी हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *