Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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US-Iran Conflict: फीफा वर्ल्ड कप पर अमेरिका पर धोखाधड़ी का आरोप, होर्मुज और सैन्य चेतावनी से बढ़ा तनाव

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है।
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अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। इस बार विवाद केवल सैन्य कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि खेल और कूटनीति भी इसकी चपेट में आ गए हैं। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने अमेरिका पर फीफा विश्व कप 2026 की मेजबानी का दुरुपयोग करने और प्रतियोगिता में अपने हितों के लिए नियमों को तोड़ने-मरोड़ने का आरोप लगाया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए अपने बयान में उन्होंने कहा कि अमेरिका मेजबान होने के नाते प्रतिद्वंद्वी देशों के लिए मुश्किलें खड़ी कर रहा है और दबाव की राजनीति अपना रहा है। उन्होंने इसे अमेरिका की 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन (MAGA)' नीति का विस्तार बताते हुए कहा कि ईरान ऐसी रणनीतियों के सामने झुकने वाला नहीं है और अपने राष्ट्रीय अधिकारों तथा सम्मान की रक्षा के लिए हर स्तर पर मजबूती से खड़ा रहेगा। इस बयान ने पहले से जारी अमेरिका-ईरान विवाद को एक नया राजनीतिक और वैश्विक आयाम दे दिया है, क्योंकि अब खेल जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच भी दोनों देशों के बीच टकराव का हिस्सा बनते दिखाई दे रहे हैं।


इसी बीच ईरानी सेना ने अमेरिका का समर्थन करने वाले देशों को भी कड़ी चेतावनी जारी कर दी है। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका द्वारा ईरान के भीतर 80 से अधिक ठिकानों पर हवाई हमले किए जाने और नए तेल प्रतिबंध लगाए जाने की खबरें सामने आई हैं। ईरानी सैन्य कमांड यूनिट 'खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर्स' ने स्पष्ट कहा कि यदि कोई भी देश अमेरिकी सैन्य अभियानों में सहयोग करता है या अपने सैन्य ठिकानों का उपयोग अमेरिका को करने देता है, तो उसे भी वैध सैन्य लक्ष्य माना जाएगा। दूसरी ओर, ईरान की रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने क्षेत्र में मौजूद 85 अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है, जिसे अमेरिकी कार्रवाई का शुरुआती जवाब बताया गया। इन घटनाओं ने पूरे पश्चिम एशिया में सुरक्षा संबंधी चिंताओं को बढ़ा दिया है और क्षेत्रीय सहयोगी देशों पर भी दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

तनाव का सबसे बड़ा केंद्र अब होर्मुज जलडमरूमध्य बनता जा रहा है, जिसे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की जीवनरेखा माना जाता है। ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने कहा कि अमेरिका को अब होर्मुज में ईरान द्वारा तय किए गए नए नियमों और व्यवस्था को स्वीकार करना होगा। होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया के लगभग एक-तिहाई कच्चे तेल का परिवहन होता है, इसलिए यहां किसी भी प्रकार का सैन्य या राजनीतिक टकराव वैश्विक तेल बाजार, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है। लगातार बढ़ती बयानबाजी, सैन्य गतिविधियों और कूटनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से यह स्पष्ट हो रहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव केवल क्षेत्रीय मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि इसका असर वैश्विक राजनीति, ऊर्जा सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर भी पड़ सकता है। आने वाले दिनों में दोनों देशों की रणनीति और वैश्विक शक्तियों की प्रतिक्रिया इस संकट की दिशा तय करेगी।