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सिटी बस Project में फिर Delay, यात्रियों को करना होगा और इंतज़ार

योजना के मुताबिक पूरे Public Transport सिस्टम को GCC Model (Gross Cost Contract Model) पर संचालित किया जाना था। इस मॉडल में पूरी लागत का वहन एजेंसी द्वारा किया जाना था। लेकिन एसपीवी न बनने की वजह से वर्क ऑर्डर जारी न हो सका, जिसके चलते प्रोजेक्ट समय पर आगे नहीं बढ़ पाया।
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Noida–Greater Noida–Yamuna Authority क्षेत्र में 500 Electric City Buses चलाने की योजना एक बार फिर रुक गई है। अधिकारियों की उदासीनता और SPV (Special Purpose Vehicle) न बनने के कारण यह प्रोजेक्ट अटक गया है। नियमों के मुताबिक टेंडर आवेदन की अंतिम तारीख के 90 दिन के भीतर एजेंसियों को वर्क ऑर्डर जारी होना था, लेकिन एसपीवी ही न बन पाने के चलते तीनों प्राधिकरण यह प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके। अब टेंडर की वैधता समाप्त होने की जानकारी शासन को भेज दी गई है और आगे का निर्णय सरकार स्तर पर लंबित है।

इस प्रोजेक्ट के लिए शहरी परिवहन निदेशालय ने 8 मार्च को टेंडर जारी किया था और इसकी तारीखें कई बार बढ़ाई गईं। अंततः 23 जून को टेंडर खोले गए और 250–250 बसों के संचालन हेतु दो एजेंसियों का चयन किया गया था। योजना के मुताबिक पूरे Public Transport सिस्टम को GCC Model (Gross Cost Contract Model) पर संचालित किया जाना था। इस मॉडल में पूरी लागत का वहन एजेंसी द्वारा किया जाना था। लेकिन एसपीवी न बनने की वजह से वर्क ऑर्डर जारी न हो सका, जिसके चलते प्रोजेक्ट समय पर आगे नहीं बढ़ पाया।

अब इस स्थिति में शासन के पास दो विकल्प हैं, या तो विशेष परिस्थितियों में टेंडर की वैधता बढ़ाई जाए या फिर पूरे प्रोजेक्ट का Re-tendering किया जाए। तीनों प्राधिकरणों के क्षेत्रों में City Bus Service सरकार और तत्कालीन मुख्य सचिव की प्राथमिकता में शामिल थी, लेकिन प्राधिकरणों की तैयारियों के अभाव ने योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। अब यात्री सुविधाजनक और Eco-friendly city bus service का इंतज़ार कर रहे हैं, जबकि प्राधिकरण और सरकार के बीच निर्णय का इंतज़ार लंबा होता जा रहा है।

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