Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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Health: मल्लिकार्जुन खरगे की सफल Pacemaker Surgery: जानें क्या होता है पेसमेकर और कैसे करता है काम

Health: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को 1 अक्टूबर को बंगलूरू के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी Pacemaker Surgery सफलतापूर्वक की गई। उनके बेटे और कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे ने बताया कि सांस लेने में तकलीफ और उम्र से जुड़ी समस्याओं के चलते डॉक्टरों ने पेसमेकर लगाने की सलाह दी थी। सर्जरी के बाद उनकी हालत स्थिर है और अब वह स्वस्थ महसूस कर रहे हैं। यह खबर सामने आने के बाद लोगों के मन में सवाल है कि आखिर Pacemaker क्या होता है और इसका काम क्या है?
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Health: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को 1 अक्टूबर को बंगलूरू के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी Pacemaker Surgery सफलतापूर्वक की गई। उनके बेटे और कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे ने बताया कि सांस लेने में तकलीफ और उम्र से जुड़ी समस्याओं के चलते डॉक्टरों ने पेसमेकर लगाने की सलाह दी थी। सर्जरी के बाद उनकी हालत स्थिर है और अब वह स्वस्थ महसूस कर रहे हैं। यह खबर सामने आने के बाद लोगों के मन में सवाल है कि आखिर Pacemaker क्या होता है और इसका काम क्या है?


Health: पेसमेकर (Pacemaker) क्या है?

पेसमेकर एक छोटा सा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण होता है, जिसे छाती के अंदर लगाया जाता है। इसका मुख्य काम दिल की धड़कन (Heartbeat) को नियंत्रित करना है। जब दिल की धड़कन बहुत धीमी (Bradycardia), तेज (Tachycardia) या अनियमित हो जाती है, तब यह डिवाइस इलेक्ट्रिकल सिग्नल भेजकर धड़कन की लय को सामान्य करता है। इसे कॉलरबोन के पास त्वचा के नीचे एक छोटे चीरे के जरिए प्रत्यारोपित किया जाता है।


जाने कैसे करता है काम? 

Pacemaker लगातार हृदय की गतिविधि को मॉनिटर करता है। अगर धड़कन सामान्य रहती है तो यह निष्क्रिय रहता है, लेकिन जैसे ही दिल की गति धीमी या असामान्य होती है, यह तुरंत Electrical Pulse भेजकर हार्ट को सिकुड़ने में मदद करता है। इससे रक्त का प्रवाह सामान्य रहता है और मरीज को चक्कर, थकान या बेहोशी जैसी समस्याओं से राहत मिलती है। आधुनिक Dual Chamber Pacemaker दोनों वेंट्रिकल्स को एक साथ पंप करने में मदद करता है जिससे ब्लड सर्कुलेशन और बेहतर हो जाता है।


पेसमेकर से जुड़ी सावधानियां और बैटरी लाइफ

रिपोर्ट्स के अनुसार पेसमेकर की बैटरी 7 से 10 साल तक चलती है। यह डिवाइस सुरक्षित है और मरीज सामान्य जीवन जी सकता है। हालांकि, पेसमेकर वाले मरीजों को MRI मशीन, तेज चुंबकीय तरंगों और कुछ इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से बचकर रहना चाहिए। हाल ही में शोधकर्ताओं ने इतना छोटा Pacemaker विकसित किया है जिसे बिना सर्जरी सिरिंज के जरिए शरीर में डाला जा सकता है।