Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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यूपी रेरा का बड़ा सख्त आदेश! अब रियल एस्टेट एजेंटों को हर तिमाही देना होगा पूरा हिसाब-किताब,

उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (UP RERA) ने रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब राज्य में पंजीकृत सभी रियल एस्टेट एजेंटों को हर तीन महीने में अपनी वित्तीय और व्यावसायिक प्रगति रिपोर्ट पोर्टल पर जमा करनी होगी। इसमें कैश बुक, जर्नल, लेजर और कस्टमर रजिस्टर सहित सभी लेन-देन का पूरा ब्योरा देना अनिवार्य किया गया है। यूपी रेरा में इस समय 7,259 एजेंट पंजीकृत हैं और सभी पर यह नियम लागू होगा।
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उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (UP RERA) ने रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब राज्य में पंजीकृत सभी रियल एस्टेट एजेंटों को हर तीन महीने में अपनी वित्तीय और व्यावसायिक प्रगति रिपोर्ट पोर्टल पर जमा करनी होगी। इसमें कैश बुक, जर्नल, लेजर और कस्टमर रजिस्टर सहित सभी लेन-देन का पूरा ब्योरा देना अनिवार्य किया गया है। यूपी रेरा में इस समय 7,259 एजेंट पंजीकृत हैं और सभी पर यह नियम लागू होगा।


नए आदेश के तहत एजेंटों को अपने कर्मचारियों का विवरण, लेन-देन की जानकारी और अन्य जरूरी दस्तावेज भी नियमित रूप से अपलोड करने होंगे। यदि कोई एजेंट समय पर रिपोर्ट जमा नहीं करता है तो उस पर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही सभी एजेंटों को अपने कारोबार से जुड़े रिकॉर्ड कम से कम 5 साल तक सुरक्षित रखने होंगे, ताकि किसी भी निरीक्षण या जांच के दौरान उन्हें प्रस्तुत किया जा सके।


यूपी रेरा ने बिल्डरों के लिए लागू वित्तीय निगरानी नियमों की तरह अब एजेंटों के लिए भी सख्त मानक तय कर दिए हैं। हाल ही में बिल्डर प्रोजेक्ट के बैंक लेन-देन, कर्ज और खर्च का विस्तृत ऑडिट सीए रिपोर्ट के जरिए अनिवार्य किया गया था, जिसके बाद अब एजेंटों पर भी समान निगरानी व्यवस्था लागू कर दी गई है। इसका उद्देश्य रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता, जवाबदेही और उपभोक्ता सुरक्षा को मजबूत करना है।

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