Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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● ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में अधिकारियों के कार्यों का फेरबदल, 130 मीटर रोड और अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी तय ● ग्रेटर नोएडा की सोसायटी पार्किंग में फॉर्च्यूनर के टायर-रिम से छेड़छाड़, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल ● यूपी में PDA पर सियासी घमासान, योगी के बयान पर अखिलेश का पलटवार ● PM Modi: भाजपा की नई टीम के साथ आज बैठक, पदाधिकारियों को करेंगे संबोधित ● दिल्ली में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की हत्या, ससुराल पक्ष पर पीट-पीटकर मारने का आरोप ● नोएडा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने निजी लैब का किया उद्घाटन ● ग्रेटर नोएडा में 15 कोचिंग सेंटरों पर कार्रवाई, बंद करने का नोटिस ● सड़क किनारे अतिक्रमण पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की बड़ी कार्रवाई, 12 अवैध दुकानें ध्वस्त ● विजय इंटरनेशनल स्कूल में प्री-प्राइमरी विद्यार्थियों के लिए जागरूकता गतिविधि आयोजित ● Migson Ultimo Society में पानी की जांच, TDS मानक के अनुरूप; Greater Noida Authority ने सोसाइटी प्रबंधन को भेजा Notice

अब हेलमेट, जैकेट और डंडा के साथ दिखेगी प्राधिकरण की टीम, अधिकारियों और कर्मचारियों को मिली सुरक्षा वर्दी

प्राधिकरण ने अपने 120 अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए हेलमेट, जैकेट और डंडा का इंतज़ाम किया है ताकि कार्रवाई के समय किसी भी अप्रिय घटना या विरोध की स्थिति में वे सुरक्षित रह सकें।
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ग्रेटर नोएडा। कपिल चौधरी 
ग्रेटर नोएडा शहर में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ चल रहे अभियान को और मज़बूत बनाने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब प्राधिकरण के अधिकारी और कर्मचारी अतिक्रमण हटाने के दौरान सुरक्षा वर्दी (Protection Uniform) में नज़र आएंगे।
प्राधिकरण ने अपने 120 अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए हेलमेट, जैकेट और डंडा का इंतज़ाम किया है ताकि कार्रवाई के समय किसी भी अप्रिय घटना या विरोध की स्थिति में वे सुरक्षित रह सकें।
महाप्रबंधक (परियोजना) ए.के. सिंह ने बताया कि “अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान कई बार मौके पर तनाव की स्थिति बन जाती है। ऐसे में हमारी टीम की सुरक्षा सबसे पहले है। प्राधिकरण अब और सख़्ती से अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाएगा।”
अब जब भी प्राधिकरण की टीम किसी स्थान पर अतिक्रमण तोड़ने जाएगी, तो सभी अधिकारी और कर्मचारी हेलमेट, सेफ्टी जैकेट और हाथ में डंडा लेकर जाएंगे। यह कदम न केवल उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि अभियान को और अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाएगा। इस निर्णय से साफ है कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण अब अवैध निर्माण और कब्ज़ों के खिलाफ “ज़ीरो टॉलरेंस” नीति पर काम करने जा रहा है।