Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING
NEWS
● ग्रेटर नोएडा में सपा की बैठक, रामजी लाल सुमन बोले- दलितों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा
● अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल, 2027 के यूपी चुनाव को लेकर कही यह बात
● बसपा की अहम बैठक आज, आकाश आनंद विवाद के बीच ईशान आनंद की जिम्मेदारी पर हो सकता है फैसला
● यूपी में मौसम का बदलेगा मिजाज, 23 सितंबर से बारिश का नया दौर; इन इलाकों में ज्यादा असर
● ग्रेटर नोएडा में 800 टन रोजाना कूड़े को मिलेगा निस्तारण, लखनावली में फ्रेश वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट शुरू
● ग्रेटर नोएडा में वायु प्रदूषण रोकने को लेकर समीक्षा बैठक, धूल नियंत्रण के उपाय सख्त करने के निर्देश
● ग्रेटर नोएडा: जिलाधिकारी मेधा रूपम ने बीटा-1 सेक्टर का किया निरीक्षण
● भाकियू अराजनैतिक से चार गांवों के किसानों ने बनाई दूरी, बोले- अब खुद लड़ेंगे अपने मुद्दों की लड़ाई
● ग्रेटर नोएडा के पाली गांव में भैंसों की संदिग्ध मौत से हड़कंप, युवक को ग्रामीणों ने पकड़ा
● दिल्ली कालकाजी रेप केस: फरार दोनों आरोपी हेमंत और मुकेश गिरफ्तार
अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल, 2027 के यूपी चुनाव को लेकर कही यह बात
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए हैं।
- sakshi choudhary
- 23 Sep, 2026
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए हैं। यह प्रतिक्रिया उस रिपोर्ट के बाद सामने आई है, जिसमें दावा किया गया कि पिछले 10 महीनों में दो चुनाव आयुक्तों ने आयोग के कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं पर 14 बार आपत्ति दर्ज कराई। अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की देखरेख में नहीं होना चाहिए। उन्होंने आयोग के कामकाज पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतंत्र से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया।
अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 और बाद में हुए उपचुनावों का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ क्षेत्रों में समाजवादी पार्टी के मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए और शिकायतों के बावजूद संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने चुनाव आयोग पर सत्ता की “कठपुतली” बनकर काम करने का आरोप भी लगाया। ये अखिलेश यादव के राजनीतिक आरोप हैं; इन्हें स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के तौर पर नहीं माना जा सकता।
मामले के बीच भारतीय निर्वाचन आयोग की ओर से यह कहा गया है कि आयोग में मतभेदों के बावजूद फैसले सर्वसम्मति से लिए जाते हैं। वहीं, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में आयोग की कुछ प्रक्रियाओं को लेकर लिखित आपत्तियां दर्ज की थीं। रिपोर्ट में मतदाता सूची, नए मतदाताओं के पंजीकरण और Special Intensive Revision (SIR) से जुड़े मुद्दों का उल्लेख है। ऐसे में 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।