Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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अखिलेश यादव का बड़ा दांव! 2027 चुनाव से पहले महिला आरक्षण लागू करने की मांग, बीजेपी पर भी साधा निशाना

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले महिला आरक्षण का मुद्दा जोर-शोर से उठाया है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाला प्रावधान तुरंत लागू किया जाए और इसकी स्पष्ट समयसीमा तय की जाए। अखिलेश ने कहा कि अगर सरकार इस पर चुप रहती है, तो समाजवादी पार्टी इसे बड़ा जन आंदोलन बनाएगी और हर सप्ताह अलग-अलग स्थानों पर इस मुद्दे को उठाया जाएगा। यह बयान उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया, जिसमें उन्होंने महिला सशक्तिकरण और पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) गठजोड़ की बात भी दोहराई।
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समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले महिला आरक्षण का मुद्दा जोर-शोर से उठाया है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाला प्रावधान तुरंत लागू किया जाए और इसकी स्पष्ट समयसीमा तय की जाए। अखिलेश ने कहा कि अगर सरकार इस पर चुप रहती है, तो समाजवादी पार्टी इसे बड़ा जन आंदोलन बनाएगी और हर सप्ताह अलग-अलग स्थानों पर इस मुद्दे को उठाया जाएगा। यह बयान उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया, जिसमें उन्होंने महिला सशक्तिकरण और पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) गठजोड़ की बात भी दोहराई।


अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनावी परिणामों और नीतियों में पक्षपात देखने को मिलता है। उन्होंने पश्चिम बंगाल के चुनावी उदाहरण का जिक्र करते हुए बीजेपी पर तंज कसा और कहा कि अगर वहां मनमर्जी से परिणाम निकाले जा सकते हैं तो नेतृत्व भी उसी तरह तय किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि महिला आरक्षण को लेकर सरकार की नीयत स्पष्ट होनी चाहिए, क्योंकि यह केवल राजनीतिक नहीं बल्कि सामाजिक न्याय का मुद्दा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुराने बयान को भी साझा किया, जिसमें उन्होंने सपा पर महिला आरक्षण का विरोध करने का आरोप लगाया था।


गौरतलब है कि हाल ही में संसद में महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक पास नहीं हो सका, क्योंकि इसे दो-तिहाई बहुमत नहीं मिला। इस मुद्दे पर 298 सांसदों ने समर्थन किया जबकि 230 ने विरोध किया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2027 के चुनाव से पहले सभी प्रमुख दल महिला वोट बैंक और सामाजिक समीकरणों को साधने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। अखिलेश यादव का यह बयान इसी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।