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बार-बार क्यों होता है महिलाओं को UTI? जानें कारण और बचाव के तरीके

Urinary Tract Infection यानी UTI महिलाओं में एक आम समस्या है, जो अक्सर बार-बार लौट आती है। मेडिकल रिपोर्ट्स के अनुसार, लगभग 50-60% महिलाएं अपने जीवन में कम से कम एक बार UTI का अनुभव करती हैं। जब किसी महिला को साल में तीन या उससे अधिक बार यह संक्रमण हो, तो इसे Recurrent UTI कहा जाता है। यह समस्या न केवल शारीरिक तकलीफ देती है बल्कि मानसिक रूप से भी परेशान करती है।
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Urinary Tract Infection यानी UTI महिलाओं में एक आम समस्या है, जो अक्सर बार-बार लौट आती है। मेडिकल रिपोर्ट्स के अनुसार, लगभग 50-60% महिलाएं अपने जीवन में कम से कम एक बार UTI का अनुभव करती हैं। जब किसी महिला को साल में तीन या उससे अधिक बार यह संक्रमण हो, तो इसे Recurrent UTI कहा जाता है। यह समस्या न केवल शारीरिक तकलीफ देती है बल्कि मानसिक रूप से भी परेशान करती है।


महिलाओं में ज्यादा क्यों होता है UTI?

महिलाओं की शारीरिक संरचना (anatomy) उन्हें UTI के लिए अधिक संवेदनशील बनाती है। दरअसल, महिलाओं का urethra पुरुषों की तुलना में छोटा होता है, जिससे बैक्टीरिया (ज्यादातर E. coli) आसानी से मूत्राशय तक पहुंच जाते हैं। इसके अलावा, यौन गतिविधि (sexual activity) के दौरान भी बैक्टीरिया मूत्रमार्ग के पास आ जाते हैं। यही कारण है कि कई महिलाओं को frequent urine infection की समस्या होती है।


मेनोपॉज और हार्मोनल बदलाव

मेनोपॉज के बाद एस्ट्रोजन हार्मोन (estrogen hormone) की कमी के कारण योनि का pH स्तर बदल जाता है। इससे योनि और मूत्र मार्ग में संक्रमण का खतरा और बढ़ जाता है। यही वजह है कि उम्रदराज महिलाओं में recurrent UTI की समस्या अधिक देखी जाती है।


जाने क्या है बचाव के तरीके

बार-बार होने वाले urinary infection से बचने के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता (personal hygiene) बेहद जरूरी है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, पेशाब रोककर न रखना, और यौन संबंध के बाद पेशाब करना UTI के खतरे को कम कर सकता है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से antibiotics ली जा सकती हैं। मेनोपॉज के बाद महिलाओं को डॉक्टर की सलाह पर हार्मोनल थेरेपी (hormonal therapy) भी मददगार हो सकती है।