Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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World Organ Donation Day 2026: अंगदान से बच सकती है कई जिंदगियां, जानें महत्व, इतिहास और कैसे लें संकल्प

World Organ Donation Day 2026: अंगदान को मानवता के सबसे बड़े कार्यों में से एक माना जाता है। किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके स्वस्थ अंग किसी जरूरतमंद मरीज को जीवन की नई उम्मीद दे सकते हैं। किडनी, लिवर, हृदय और फेफड़ों जैसे अंगों के प्रत्यारोपण से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों की जान बचाई जा सकती है।
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World Organ Donation Day 2026: अंगदान को मानवता के सबसे बड़े कार्यों में से एक माना जाता है। किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके स्वस्थ अंग किसी जरूरतमंद मरीज को जीवन की नई उम्मीद दे सकते हैं। किडनी, लिवर, हृदय और फेफड़ों जैसे अंगों के प्रत्यारोपण से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों की जान बचाई जा सकती है। विश्व अंगदान दिवस 2026 इस साल 13 अगस्त, गुरुवार को मनाया जाएगा। इस दिन का उद्देश्य लोगों को अंगदान के महत्व के प्रति जागरूक करना और अधिक से अधिक लोगों को डोनर बनने के लिए प्रेरित करना है।


विश्व अंगदान दिवस का महत्व क्या है?

अंग प्रत्यारोपण कई गंभीर बीमारियों में जीवन बचाने वाला उपचार साबित हो सकता है। दुनियाभर में बड़ी संख्या में मरीज उपयुक्त अंग मिलने का इंतजार करते हैं। ऐसे में समय पर अंग उपलब्ध होना उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। World Organ Donation Day के जरिए लोगों को यह संदेश दिया जाता है कि अंगदान केवल चिकित्सा प्रक्रिया नहीं, बल्कि मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण भी है। भारत में भी अंगदान को लेकर जागरूकता बढ़ाना जरूरी है, क्योंकि जानकारी की कमी और कई तरह की गलतफहमियों के कारण लोग अंगदान का संकल्प लेने से पीछे हट जाते हैं। परिवार के सदस्यों के साथ अपनी अंगदान की इच्छा साझा करना भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।


कब हुआ था पहला सफल ऑर्गन ट्रांसप्लांट?

ऑर्गन ट्रांसप्लांट के क्षेत्र में साल 1954 एक ऐतिहासिक वर्ष माना जाता है। इसी साल डॉ. जोसेफ मरे ने जीवित डोनर रोनाल्ड ली हेरिक की किडनी उनके जुड़वां भाई रिचर्ड हेरिक में सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित की थी। इसे दुनिया का पहला सफल जीवित डोनर किडनी ट्रांसप्लांट माना जाता है। आज चिकित्सकीय जांच और लागू नियमों के अनुसार किडनी, लिवर, हृदय, फेफड़े समेत कई अंगों और आंखों के कॉर्निया जैसे ऊतकों का प्रत्यारोपण किया जा सकता है। हालांकि, अंगदान की पात्रता व्यक्ति की मेडिकल स्थिति और मृत्यु की परिस्थितियों पर निर्भर करती है। अंगदान का संकल्प लेने के लिए लोगों को अपने देश की आधिकारिक व्यवस्था और मान्यता प्राप्त संस्थाओं के जरिए पंजीकरण या प्रतिज्ञा प्रक्रिया की जानकारी लेनी चाहिए। साथ ही परिवार को अपनी इच्छा जरूर बतानी चाहिए। अंगदान से जुड़े नियम और प्रक्रिया अलग-अलग देशों और परिस्थितियों में अलग हो सकती है, इसलिए अंतिम निर्णय से पहले आधिकारिक स्वास्थ्य संस्था या चिकित्सकीय विशेषज्ञ से प्रमाणित जानकारी लेना जरूरी है।