Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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Great Nicobar Project: ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट पर सियासी घमासान! BJP-Congress आमने-सामने

Great Nicobar Project: ग्रेट निकोबार आइलैंड प्रोजेक्ट (Great Nicobar Project) पर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच घमासान तेज हो गया है। करीब 72,000 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी योजना को लेकर कांग्रेस ने पर्यावरणीय और आदिवासी हितों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। वहीं, भाजपा ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक दृष्टि से बेहद अहम करार दिया है।
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Great Nicobar Project: ग्रेट निकोबार आइलैंड प्रोजेक्ट (Great Nicobar Project) पर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच घमासान तेज हो गया है। करीब 72,000 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी योजना को लेकर कांग्रेस ने पर्यावरणीय और आदिवासी हितों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। वहीं, भाजपा ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक दृष्टि से बेहद अहम करार दिया है।


भाजपा प्रवक्ता अनिल के एंटनी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए कहा कि यह प्रोजेक्ट भारत की Indo-Pacific strategy और समुद्री सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने याद दिलाया कि INS Baaz naval air station को 2012 में ही कमिशन किया गया था, जब सोनिया गांधी यूपीए चेयरपर्सन थीं। एंटनी ने सवाल उठाया “अब आखिर किसके दबाव में कांग्रेस इस प्रोजेक्ट को ‘misadventure’ बता रही है?”


वहीं, कांग्रेस की ओर से सोनिया गांधी ने अपने लेख में इस प्रोजेक्ट को आदिवासी समुदाय और पर्यावरण के लिए खतरा बताया। उन्होंने कहा कि यह योजना शोंपेन (Shompen) और निकोबारी जनजातियों के अस्तित्व को चुनौती देती है, साथ ही बड़े पैमाने पर जंगलों की कटाई और पर्यटन विस्तार से पारिस्थितिकी तंत्र (ecosystem) बर्बाद होगा। राहुल गांधी ने भी इसे साझा करते हुए लिखा कि यह योजना tribal rights और कानूनी प्रक्रियाओं का उल्लंघन करती है। 


कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी सोनिया गांधी का समर्थन करते हुए कहा कि विकास और सुरक्षा महत्वपूर्ण हैं, लेकिन इन्हें “ecological devastation” और मानवीय संकट के बिना भी हासिल किया जा सकता है। ऐसे में साफ है कि Great Nicobar Island Project पर राजनीतिक बहस और गहराने वाली है, जिसमें एक ओर विकास और सुरक्षा का मुद्दा है तो दूसरी ओर पर्यावरण और आदिवासी अधिकारों की लड़ाई।